यह जानकर आपको थोड़ा मजाक लगेगा कि मेरा प्रिय विषय  इतिहास है ,  लेकिन यही सच्चाई है ।

प्रायः विद्यार्थी के मुह से सुना जाता है कि आखिर  इतिहास विषय क्यों बनाया गयाII इतने राजाओं के नाम तथा उनके द्वारा लड़ी गई लड़ाइयों का विवरण याद करने से क्या लाभ  हैI इतना याद करना पड़ता है कि सिर फटने लगता है। सामने यदि ए राजा गण मिलते तो इनका गला दबा देताl बचपन में कुछ ऐसा ही अनुभव होता था I लेकिन इतिहास की सच्चाई मैंने अब जाना है ।

इन्हें यह पता ही नहीं कि  यदि इतिहास नहीं होता तो हमारा भविष्य ही नहीं रहता । हमें कौन बताता की होलोकास्ट के अत्याचार में कितनी तबाही हुई थी । महाभारत जैसी किताब के बारे में कैसे जानते। एक लाख चौबीस हजार नबी दुनिया में आए और दुनिया के रहस्य को बाताया । जीवन के के मकसद को बताया । ये कैसे मालूम होता । दुनिया के उत्थान पतन को कौन बताता। इस तरह इन महान सूचनाओं को तो इतिहास ही समेटे हुए है । चक्का कैसे मानव की जिंदगी बदल के रख दिया । विज्ञान किस किस दौर से गुजरा इसकी सच्चाई हमें कैसे मिलती । आज जो कुछ भी हो रहा है वह कितना सही कितना ग़लत है यह इतिहास ही तय करेगा। उसके बाद आज भी जो हम ग़लतियाँ कर रहे हैं उसका भुगतान हमे करना पड़ेगा। वह भुगतान ही हमे फिर वा ग़लती नही दुहराने देगा।

एतिहासिक भूल ही वर्तमान की शक्ल बिगाड़ देता है। और सकारात्मक तथा सुद्धढ़ एतिहासिक फैसले भविष्य को  उज्जवल बनाते है । हाथ से सामान गिरने के बाय पता चलता है कि यह सामान क्यों गिरा और हाथ में और हाथ के कार्य में क्या क्या खामियां थी I इसलिए भविष्य को जानने के लिए वर्तमान का इतिहास  बनना आवश्यक है। अर्थात किसी समय, घटना अर्थात किसी समय, घटना का इतिहास बनना यदि आवश्यक है तो उसका इतिहास पढ़ना भी जरूरी हो जाता है। हमें अपने आप को या किसी और को समझने के लिए हमें अपना या किसी और के बीते हुए घटनाओ, आचार, विचार व्योहार आदि को जानना जरूरी होता है।

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सभ्यताओं को परिभाषित करने में बीते हुए गलत फैसलो और उनके परिणामों के अच्छे बुरे प्रभाव को बताने में इतिहास का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

इतिहास में हम पढ़े है कि कुछ राजाओं का पतन उनके गलत फैसलों को जाहिर करता है और यह भी संदेश देता है कि उनका  ऐतिहासिक ज्ञान बहुत कमजोर था  । अधिकतर रुप में यह देखा गया है कि जो विचार तथ्यों के विरुद्ध राजनैतिक प्रभाव में लिए गए हैं  वह फैसले समाज के लिए विष परिणमित हुए हैं।  इन्हीं सब कारणों से इतिहास एक महत्वपूर्ण विषय बन जाता है। हम यह कह सकते हैं कि इतिहास भूत कालीन वर्तमान का इतिहास है।

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