Keeping Pressure On children for Achieving high Ambition is Right or Wrong उच्चे लक्ष्य को पाने के लिए माता पिता द्वारा बच्चों पर डाला जाने वाला दबाव उचित है या अनुचित है।

लक्ष्य की उंचाई सफलता को गति और उर्जा प्रदान करती है। परन्तु ऐसा लक्ष्य जो किसी बच्चे की क्षमता से अत्यधिक है । वह बच्चे को मानसिक रोगी या पागल बनाता है । और कभी कभी बच्चे आत्महत्या का शिकार हो जाते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि इस तरह का दबाव अनुचित है। जब … Read more

Essay on Importance of Game in Our Life | हमारे जीवन में खेल का महत्व पर निबंध

खेल मनोरंजन के स्रोत हैं। वे राहत और दुख, कठिनाइयों और बाधाओं से हमको बचाते हैं। वे विनोदी भावना मन में न बैठाने और एक हल्के-फुल्के अंदाज में जीवन के भारी बोझ को लेने के लिए प्रेरित करते हैं। जीने को साधारण व्यवसाय के रूप में लेने की प्रेरना भी प्रदान करते हैं। यह स्वास्थ्य … Read more

Essay on If I had Wings In Hindi

जब छोटे थे हम मन में एक सवाल आता था आसमान को देख कर, यदि मेरे पंख होते तो क्या होता? अगर होते तो वो बड़े अनोखे होते। वो कभी न थमते, न कभी मुझे किसी के हाथ आते। बस उड़ा ले जाते मुझे जहाँ मेरा मन होता। जब स्कूल जाना होता, तो किसी से … Read more

मेरी यादगार यात्रा पर निबंध | Essay on My Memorable Tour in Hindi

भूमिका:

यात्रा का अपना एक सुखद अनुभव होता है। हर यात्रा अपने में कई यादें समेटे होती है पर कुछ बहोत यादगार होती हैं । गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने जाते हैं और इस मौसम में पर्वतों की यात्रा अत्यधिक सुखद होती है।

पहली यात्रा:

हमारी पहली पर्वतीय यात्रा पिछले वर्ष गर्मी की छुट्टियों में हुई जब पिताजी के पुराने मित्र ने नैनीताल में अपने आवास पे एक समारोह रखा और पिताजी को आमंत्रित करने के साथ साथ ज़रूर आने का आग्रह भी किया।

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my family adventours tour builder

पिताजी ने इस आग्रह का सम्मान करते हुए समारोह में जाने के लिए और साथ साथ नैनीताल घूमने के लिए पांच दिन की योजना बनायी। हमने 20 मई को नैनीताल के लिए रेल पकड़ी और अगले दिन सुबह 10 बजे वहां पहुँच गए। स्टेशन पे पिताजी के मित्र हमें लेने आये हुए थे।

नैनीताल:

हम उनके साथ उनके घर गए। उन्होंने पिताजी की योजना की सराहना करते हुए उन्हें आने के लिए धन्यवाद कहा और हमें नैनीताल घुमाने की जिम्मेदारी अपने ड्राइवर को सौंप दी। क्योंकि समारोह तीन दिन बाद था तो हम नैनीताल घूमने निकल गए। नैनीताल के रास्ते बहुत टेड़े मेढ़े थे और रास्ते के दोनों ओर घाटियों का मनमोहक दृश्य था। कहीं ये घाटियां अत्यंत सुन्दर थीं और कहीं इनकी गहरायी डरा देने वाली थी। पर्वतों पर पेड़ों की सुंदरता देखते ही बनती थी। गर्मी के मौसम में भी शीतल हवायें मन को अत्यंत सुख दे रही थीं। नगर की सड़कें स्वछ थीं और घर साफ़ सुथरे थे नैनीताल का नाम एक ताल के कारण पड़ा जो वहां पर है जिसका नाम भी नैनीताल है। इसी ताल के एक किनारे पे नयना देवी का मंदिर है। मंदिर के बहन अत्यंत खूबसूरत पर्वत हैं जो सबका मन मोह लेते हैं। उसके अलावा भी नैनीताल मैं कई स्थल हैं जो बेहद मनमोहक हैं। तीन दिन हम काफी घूमे। उसके बाद पिताजी के मित्र के यहाँ समारोह मैं सम्मिलित होकर हमने अगले दिन घर के लिए रेल पकड़ी।

नैनीताल की यह यात्रा मेरे लिए बहुत सुखद और यादगार रही। वहां की प्राकृतिक सुंदरता ने मन मोह लिया और वहां के दृस्यों को मैं कैमरे में कैद कर लिया। अवसर मिलने पर मैं एक बार फिर ऐसी सुखद यात्रा पे वहां अवश्य जाना चाहूंगा।

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‘The Beginnings of a Miracle’ | Summary ICSE Class 8

'The Beginnings of a Miracle' | Summary ICSE Class 8

This tale recounts Helen Keller’s discovery of language, through the teaching of Annie Sullivan, after losing her sight and hearing in early childhood. When the Helen family comes to know about the illness, they are flabbergasted. Helen is sent to a blind school where she meets with a teacher Annie Sullivian. Helen is lost and … Read more

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